आज की दुनिया तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रही है। आज Electric vehicles फ्यूचरिस्टिक व्हीकल के रूप में गिने जाते हैं। पेट्रोल डीजल को मात देते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल आज पूरे विश्व की मुख्य जरूरत बनते जा रहे हैं। जी हां, एक ओर पेट्रोल डीजल से होने वाले प्रदूषण और दूसरा ईंधन की बढ़ती कीमतों की वजह से लोग अब वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की तलाश करने लगे हैं, और इसी बीच Electric vehicles भविष्य का परिवहन बन चुके हैं। जैसे पेट्रोल और डीजल के वाहन के लिए पेट्रोल/ डीजल होना जरूरी है।
वैसे इलेक्ट्रिक वाहन में Battery होनी जरूरी है। बैटरी के माध्यम से ही इलेक्ट्रिक वाहन काम करता है। क्योंकि बैटरी ही इलेक्ट्रिक वाहन को लंबे समय तक काम करने की गति प्रदान करती है। इसीलिए इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी को सुरक्षित रखना उसकी देखभाल करना बेहद जरूरी है। इसी में काम आता है Battery Management System for Electric Vehicle।
Battery Management System एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम होता है जो इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल की बैटरी की निगरानी करता है। उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करता है। Battery management system ना हो तो बैटरी जल्दी खराब होने लगेगी, बैटरी जल्दी ड्रेन हो जाएंगी, उनमें आग लगने का खतरा बढ़ जाता है और इसकी वजह से गाड़ी का परफॉर्मेंस भी प्रभावित होता है। आज के इस लेख में हम आपको इसी का संपूर्ण विवरण देने वाले हैं जहां हम बताएंगे कि आखिर Battery Management System for Electric Vehicle आखिर क्या होता है?
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Battery Management System for Electric Vehicle: EV की बैटरी की रीढ़
जैसा कि हम सब जानते हैं पिछले कुछ वर्षों में परिवहन क्षेत्र में एक विशेष परिवर्तन देखने को मिल रहा है। प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और फ्यूल काफी सीमित होता जा रहा है। ज्यादा फ्यूल के उपयोग की वजह से जलवायु परिवर्तन जैसे प्रभाव भी देखने को मिल रहे हैं और इसी की वजह से अब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत सोचे जा रहे हैं। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक एनर्जी ऐसे ही महत्वपूर्ण विकल्प है। हालांकि फ्यूल जैसे कि पेट्रोल -डीजल गाड़ी चलाने के लिए काफी ज्यादा उपयोग किए जाते हैं। परंतु आजकल इलेक्ट्रॉनिक वाहन अस्तित्व में आ गए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक वाहन किफायती और फ्यूचरिस्टिक वाहन के रूप में उभर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक वाहन की सफलता केवल मोटर या डिजाइन पर निर्भर नहीं करती बल्कि इसका महत्त्वपूर्ण घटक होता है उसकी बैटरी, क्योंकि बैटरी ही सुनिश्चित करती है कि वाहन कितना दमदार होगा? और इलेक्ट्रॉनिक वाहन के परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए बैटरी की सुरक्षा जरूरी होती है। यही से अस्तित्व में आता है Battery Management System for Electric Vehicle।
Battery management system, बैटरी के वोल्टेज, करंट ,तापमान, चार्ज,डिस्चार्ज, स्वास्थ्य स्थिति को नियंत्रित करता है। बिना Battery management system के Lithium Ion से बनी बैटरी आग की चपेट में आ सकती है। कई बार बैटरियां ओवरचार्जिंग हो जाती है, इनमें ओवरहीट जनरेट होने लगती है। ऐसे में इन सारी बातों का ध्यान बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम रखता है। और इसलिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल की रीढ़ माना जाता है। जी हां यदि बैटरी इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल का दिल है तो इस दिल की सुरक्षा बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम करता है।
इलेक्ट्रॉनिक वाहन में Battery Management System की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
इलेक्ट्रॉनिक वाहन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम आयन बैटरियां बहुत शक्तिशाली होती है। परंतु यह बैटरियां उतनी ही ज्यादा घातक भी होती है। यदि सही सुरक्षा ना मिले तो यह बैटरी फट भी सकती है। क्योंकि इन बैटरी को लगातार चार्ज किया जाता है। कई बार चार्ज करने की वजह से यह ओवरहीट जनरेट करती है। बैटरी को आसपास का तापमान भी प्रभावित करता है। ऐसे में गर्मियों के दिनों में यह बैटरी तापमान से प्रभावित हो जाती है जिसकी वजह से विस्फोट भी हो सकता है। इन्हीं को नियंत्रित करने के लिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम की आवश्यकता पड़ती है।
क्योंकि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम सुनिश्चित करता है कि लिथियम आयन बैटरी ओवर चार्ज न हो, वह जल्दी खराब ना हो, बैटरी की वजह से गाड़ी के परफॉर्मेंस पर कोई असर न पड़े और बैटरी को फटने से रोका जाए । क्योंकि बैटरी जितनी ज्यादा सुरक्षित रहेगी वाहन की रेंज, परफॉर्मेंस और लाइफ भी उतनी ही बढ़ेगी।
What is the Battery Management System for Electric Vehicle?
Battery management system एक इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट होता है। यह यूनिट इलेक्ट्रॉनिक वाहन में लगी हर बैटरी के सेल पर पूरी नजर रखता है। मतलब यह बैटरी को पूरी तरह से कंट्रोल करता है।
यह चेक करता है कि बैटरी का वोल्टेज क्या है? कितना करंट बैटरी में पास हो रहा है? बैटरी का तापमान क्या है? बैटरी के आसपास के परिसर का तापमान क्या है? बैटरी का चार्ज लेवल कितना है? और बैटरी की हेल्थ कैसी है? यह बैटरी के प्रत्येक क्रिया पर लगातार नजर बनाए रखता है और इसकी मॉनिटरिंग करता है जिससे यह सुनिश्चित होता है कि बैटरी एक सुरक्षित सीमा में काम करें ना ज्यादा चार्ज हो ना ज्यादा डिस्चार्ज हो और ना ही ज्यादा गर्म हो।
Battery Management System: Functions
Battery management system functions की बात करे तो EV में यह कई सारे फ़ंक्शन परफॉर्म करता है। यह सारे फंक्शंस बैटरी की सुरक्षा के लिए ही परफॉर्म किए जाते हैं जैसे की,
वोल्टेज और करंट मॉनिटरिंग: बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम बैटरी के हर सेल के वोल्टेज का करंट मापता है ताकि कोई भी सेल ओवरलोड ना हो क्योंकि ओवरलोड होने की वजह से बैटरी पर असर पड़ता है।
तापमान की सुरक्षा: बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम बैटरी के तापमान की सुरक्षा भी जांचता है, क्योंकि यदि तापमान बढ़ गया तो बैटरी फटने का डर बना रहता है। ऐसे में जैसे ही तापमान सुरक्षित सीमा से बाहर जाता है BMS अलर्ट कर देता है और सिस्टम बंद कर देता है।
Cell balancing battery management system: सेल को सामान रूप से चार्ज करने के लिए BMS बैटरी में एक्टिव और पैसिव सेल बैलेंसिंग सुनिश्चित करता है ताकि हर सेल एक तरह से चार्ज हो।
चार्ज /डिस्चार्ज कंट्रोल: Battery management system for Electric vehicle Battery charge/ Discharge को कंट्रोल करता है, ताकि बैटरी एक सुरक्षित सीमा तक इस्तेमाल की जाए। जिसकी वजह से बैटरी की हेल्थ और उसकी लाइफ का आंकलन करना भी आसान हो जाए।
Battery Management System for Electric Vehicle : मुख्य भाग
प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल में बैटरी की सुरक्षा के लिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाता है। इस बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के कुछ विशेष भाग होते हैं जैसे की
- बैटरी सेल
- वोल्टेज सेंसर
- टेंपरेचर सेंसर
- करंट सेंसर
- माइक्रोकंट्रोलर
- BMS कंट्रोलर
- कम्युनिकेशन इंटरफेस
- प्रोटेक्शन सर्किट
Types Battery Management System In India
भारत में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम मुख्य तीन प्रकार के आते हैं जो कि इस प्रकार से
- Centralised BMS : सेंट्रलाइज्ड BMS में सारे सेल्स एक ही कंट्रोल यूनिट से जुड़े होते हैं।
- Distributed BMS : डिस्ट्रिब्यूटेड BMS में हर सेल का अपना एक छोटा कंट्रोलर होता है।
- Modular BMS: मॉड्यूलर BMS में सेंट्रलाइज्ड और डिस्ट्रिब्युटेड कंट्रोलर का मिश्रण होता है, जो आवश्यकता के अनुसार बैटरी को संभालता है। मॉड्यूलर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम आजकल के बड़े इलेक्ट्रॉनिक वाहनों में ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।
इलेक्ट्रॉनिक वाहन के निर्माण में Battery management system कैसे जरूरी है?
जैसे-जैसे तकनीकी विकास हो रहे हैं, वैसे-वैसे इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की मांग बढ़ती जा रही है। और इलेक्ट्रॉनिक वाहन की तकनीकी गहराई समझने के लिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम समझना जरूरी है। बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम की जटिलता को समझने के लिए ही विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में इससे जुड़े इंजीनियरिंग और डिप्लोमा स्तर के Battery management system for Electric vehicles Courses भी शुरू किए गए हैं। जहां छात्रों को Battery management system for Electric vehicle Project पर काम करवाया जाता है। जिससे उन्हें औद्योगिकिकरण,कार्य प्रणाली के बारे में पता चलता है।
प्रोजेक्ट के माध्यम से छात्र Battery management system for Electric vehicles anatomy समझते हैं। सेल बैलेंसिंग की तकनीक सीखने हैं और सुरक्षा तंत्र को प्रैक्टिकल रूप से समझ पाते हैं। इस दौरान अध्ययन को और आसान बनाने के लिए Battery management system for Electric vehicles PDF जैसे दस्तावेजों को विस्तार से प्रस्तुत करना पड़ता है, जिससे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में आए दिन नए-नए इनोवेशन संभव हो पा रहे हैं।
आने वाले समय में Battery management system के अंतर्गत कई विशेष इनोवेशन की भी संभावना दिखाई जा रही है जैसे कि AI और IOT आधारित Battery management system for Electric vehicles,Predictive Maintenance, Cloud Connect system. यदि इन सारे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम का विकास किया जाता है तो इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल काफी सुरक्षित और सस्ता विकल्प बन जाएगा।
Battery Management System for Electric Vehicle : Step by Step Working Structure
इलेक्ट्रॉनिक वाहन में Battery management system केवल एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट नहीं होता। यह एक सुनियोजित प्रक्रिया होती है और इसी के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल काम करता है। इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों में BMS केवल एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट की तरह काम नहीं करता बल्कि इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल के लिए यह बेहद जरूरी होता है। आईए जानते हैं इसकी Battery management system for Electric vehicles work Process
डाटा इकट्ठा करना : इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल में लगा BMS सबसे पहले बैटरी पैक में लगे प्रत्येक सेल से जरूरी डाटा एकत्रित करता है। इसके लिए वह वोल्टेज सेंसर, करंट सेंसर, तापमान सेंसर जैसे सेंसर का उपयोग करता है। यह सेंसर BMS को लगातार जानकारी देते हैं कि बैटरी का हर सेल कैसी स्थिति में है और इसी डाटा के आधार पर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम सही निर्णय लेता है।
डाटा एनालिसिस: बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम जब सारे सेंसर की मदद से डाटा इकट्ठा कर लेता है तब वह कंट्रोलर में एकत्रित किए गए इस डाटा की तुलना सेफ लिमिट के साथ करता है। हर BMS में एक सॉफ्टवेयर सेट किया होता है। वह अपने सॉफ्टवेयर में सेट सेफ लिमिट से इकट्ठा किए गए डाटा की तुलना करने के बाद यह निर्धारित करता है की सेल का वोल्टेज न्यूनतम है या अधिकतम है और उसी के आधार पर वह एक्शन लेता है।
स्टेट ऑफ चार्ज कैलकुलेशन (SOC) : इसके बाद बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम स्टेट ऑफ चार्ज यानी बैटरी में बची हुई बाकी एनर्जी का अंदाजा लगता है और यही जानकारी ड्राइवर को डैशबोर्ड पर दिखाई देती है। जिससे पता चलता है कि बैटरी में कितनी एनर्जी बाकी है और वाहन और कितनी दूर तक चलेगा? मतलब यह पूरा डाटा बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम द्वारा ही प्रोवाइड किया जाता है ताकि ड्राइवर रेंज प्लानिंग कर ले.
सेल बैलेंसिंग: बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम अपनी स्मार्ट और इन्नोवेटिव तरीके से चार्जिंग और डिस्चार्ज के दौरान सेल बैलेंसिंग भी करता है। यह पता लगता है कि कौन से सेल ज्यादा चार्ज हो रहे है? कौन से सेल सबसे जल्दी डिस्चार्ज हो रहे हैं? ताकि सारे सेल को एक ही लेवल पर लाया जाए यदि ऐसा नहीं हुआ तो परफॉर्मेंस बिगड़ सकती है।
अलर्ट सिस्टम : यदि किसी भी प्रकार की कोई असामान्य स्थिति बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम ने डिटेक्ट कर ली तो वह वाहन को बंद कर देता है और ड्राइवर को चेतावनी संदेश भेजता है। जैसे कि ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं का Battery management system पहले से ही पता लगा लेता है और सुरक्षा मोड में चला जाता है। इसकी सुरक्षा मोड में जाते ही गाड़ी बंद पड़ जाती है और वाहन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम का रख रखाव , समस्या और समाधान
Battery management system for Electric vehicles का सही रखरखाव बेहद जरूरी है। क्योंकि यह एक ऑटोमेटिक स्मार्ट सिस्टम होता है। इसीलिए इसकी लंबी उम्र और सही कार्य प्रणाली के लिए नियमित रखरखाव भी जरूरी है।
- सबसे पहले सुनिश्चित करना होगा की बैटरी पैक और BMS हमेशा सुखे और साफ वातावरण में रहे।
- नमी और धूल मिट्टी की वजह से इलेक्ट्रॉनिक सर्किट खराब हो जाते हैं ।
- बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और बैटरी को ना ज्यादा गर्म और ना ही ज्यादा ठंडे वातावरण में रखें क्योंकि बाहरी तापमान का सीधा प्रभाव BMS के सेंसर पर पड़ता है।
- इसी के साथ ही हर EV गाड़ी का सॉफ्टवेयर अलग-अलग होता है और इसी के आधार पर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम का सॉफ्टवेयर अपडेट होना जरूरी है ।
- क्योंकि यह अपडेटेड सॉफ्टवेयर ही गाड़ी चलाने वाले को बैटरी की सही स्थिति के बारे में बताता है।
Battery Management System for Electric Vehicle: सही तरीके से कम ना करे तो क्या करें?
यदि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल में सही तरीके से काम नहीं करता तो वाहन की सुरक्षा और परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है। हालांकि ऐसी स्थिति में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम वाहन के डैश बोर्ड पर चेतावनी संकेत दे देता है। जिससे गाड़ी चलाने वाला सही समय पर सही एक्शन ले सके। मतलब किसी भी इलेक्ट्रॉनिक वाहन की सुरक्षा में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम का सबसे बड़ा हाथ होता है, क्योंकि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम गाड़ी में आने वाली समस्या की तरफ पहले से इशारा करता है।
परंतु यदि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम ही अलग-अलग प्रकार के संकेत देने लगे तो अलर्ट हो जाना जरूरी है। जैसे कि वाहन चार्ज नहीं हो रहा जल्दी डिस्चार्ज हो रहा है। बार-बार पावर कट हो जा रहा है तो BMS फाल्ट के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में गलती से भी बैटरी पैक खोलने या BMS से छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है
कोशिश करें कि ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर या किसी प्रशिक्षित टेक्नीशियन से जांच करवा ले। कई मामलों में BMS की समस्या सॉफ्टवेयर रिसेट या फर्मवेयर अपडेट से सेट ठीक हो जाती है। परंतु सेंसर या कंट्रोल यूनिट खराब हो जाए तो बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को बदलना ही एक मात्र विकल्प होता है।
Battery Management System for Electric Vehicle: क्यों खराब हो सकता है?
बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम आमतौर पर ज्यादा ओवरचार्ज या डिस्चार्ज करने की वजह से
- बैटरी पैक में पानी प्रवेश करने की वजह से
- गलत चार्जर का उपयोग करने की वजह से
- ज्यादा गर्म या ज्यादा ठंडे तापमान की वजह से
- या ढीली वायरिंग की वजह से खराब हो जाता है
Conclusion
कुल मिलाकर Battery management system किसी भी इलेक्ट्रॉनिक वाहन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। बिना Battery management system सिस्टम के EV की कल्पना की ही नहीं जा सकती। क्योंकि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम ही EV व्हीकल को सुरक्षित और बेहतर परफॉर्मेंस प्रदान करता है। बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम न केवल बैटरी की सुरक्षा करता है बल्कि बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रॉनिक वहां के भी परफॉर्मेंस को बेहतर बनाता है।
साथ ही इलेक्ट्रॉनिक वाहन चलाते समय होने वाली अनहोनी घटनाओं की वार्निंग भी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम पहले से ही दे देता है। इसीलिए सभी इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम का सही रख रखाव ,समय पर जांच और सावधानीपूर्वक उपयोग न केवल बैटरी की लाइफ बढ़ता है बल्कि गाड़ी की विश्वसनीयता को भी कई गुना बढ़ा देता है।



