Vehicle Insurance: व्हीकल इंश्योरेंस क्या है? इसके प्रकार कौन से होते हैं? व्हीकल इंश्योरेंस लेने के फायदे, स्टेटस कैसे चेक करें?

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आज के समय में वाहन केवल सुविधा का साधन नहीं रह गया, बल्कि यह हमारे दैनिक आवश्यकताओं का महत्वपूर्ण हिस्सा भी बन गया है। फिर चाहे वह दो पहिया वाहन हो या कार होज़ कोई कमर्शियल व्हीकल हो या प्राइवेट व्हीकल हर वाहन एक जिम्मेदारी लेकर आता है। यह जिम्मेदारी केवल वाहन चालक की खुद के तरफ नहीं होती बल्कि सड़क सुरक्षा और रास्तों पर चलने वाले अन्य लोगों के प्रति भी होती है। क्योंकि वाहन चलाने के दौरान कई प्रकार के रिस्क भी जुड़े होते हैं और इसी पूरी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा काम आता है Vehicle Insurance।

जी हां, भारत में Motor Vehicle Act के अंतर्गत किसी भी वाहन को सड़क पर चलाने के दौरान Motor Vehicle Insurance होना अनिवार्य है। यह न केवल वाहन को बीमा सुरक्षा प्रदान करता है बल्कि असल में यह एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच का भी काम करता है।

वाहन दुर्घटना, वाहन चोरी हो जाना, प्राकृतिक आपदा में वाहन की हानि हो जाना, वाहन चलते समय एक्सीडेंट हो जाना, एक्सीडेंट के दौरान वहां के साथ साथ किसी अन्य पक्ष को नुकसान पहुंचाना जैसी विभिन्न प्रकार की स्थितियां भी सामने आती है। और यह स्थितियां अचानक से आती है। ऐसे में Vehicle Insurance आपको न केवल आर्थिक नुकसान से बचाती है बल्कि मानसिक तनाव भी कम करती है। वाहन इंश्योरेंस केवल आपके वाहन और आपकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता, बल्कि यह third party loss की भी भरपाई करवाता है, जिससे दुर्घटना के दौरान आपको मानसिक तनाव नहीं होता और इसीलिए वाहन इंश्योरेंस अब अनिवार्य कर दिया गया है खासकर Third Party Vehicle Insurance।

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वर्तमान समय में Vehicle insurance और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी 

वर्तमान में वाहन इंश्योरेंस काफी आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।  Vehicle Insurance Policy आजकल ऑनलाइन प्लेटफार्म से भी उपलब्ध हो जा रही है। जी हां, डिजिटल दौर में Online Vehicle Insurance लेना, Vehicle Insurance Online Check करना, Vehicle Insurance Renewal करवाना अब पहले से कई गुना ज्यादा आसान हो गया है। अब आपको घर बैठे ही वाहन इंश्योरेंस तो ले ही सकते हैं साथ ही अपने Vehicle Insurance Status Check भी कर सकते हैं। आपकी गाड़ी के इंश्योरेंस से जुड़ी सारी जानकारी, वाहन नंबर के साथ रजिस्टर की जाती है। और, इसका संपूर्ण विवरण आप परिवहन पोर्टल के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं।

बता दे वाहन इंश्योरेंस पॉलिसी न केवल व्यक्तिगत वाहनों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है बल्कि इसका सबसे ज्यादा लाभ कमर्शियल व्हीकल इंश्योरेंस को मिलता है। जी हां Commercial Vehicle Insurance वाहन के साथ-साथ व्यवसाय को भी सुरक्षित करता है। क्योंकि कमर्शियल व्हीकल व्यक्ति नही बल्कि सामानों की लेनदेन के लिए भी काम आते हैं। ऐसे में यदि कमर्शियल व्हीकल को कुछ हो गया तो सामान की भी हानि होती है। कमर्शियल व्हीकल से यदि किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान पहुंचा तो उसका भी नुकसान कंपनी पर आ जाता है ऐसे में Commercial Vehicle Insurance आपको इस प्रकार के झंझट से बचाता है।

आमतौर पर कई सारे लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती कि अखिल Vehicle Insurance क्या है? वाहन खरीदने के बाद के आरटीओ कार्यवाही से बचने के लिए लोग वाहन इंश्योरेंस करवा तो लेते हैं परंतु Vehicle Insurance के क्या फायदे हैं? Vehicle Insurance की डिटेल कैसे चेक करें? Vehicle Insurance gst rate कितना है? कौन सा वाहन इंश्योरेंस आपके लिए लाभकारी होगा? Vehicle Insurance types? Comprehensive Insurance, Third party insurance जैसे विभिन्न बातों की जानकारी लोगों को बिल्कुल भी नहीं है।

ऐसे में परिवहन पोर्टल और RTO के विभिन्न वेबसाइट पर वाहन इंश्योरेंस से जुड़ी सारी जानकारी मौजूद है। इसके अलावा इंश्योरेंस कंपनियों की वेबसाइट जैसे ICICI Lombard Vehicle Insurance, HDFC Vehicle Insurance जैसे विभिन्न विकल्पों की जानकारी आपको मिल जाती है। जिससे आप अपने वहां अपनी और तीसरे व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाते हैं।

आइये सबसे पहले समझते हैं Vehicle Insurance क्या है? और इसके प्रकार कौन से होते हैं?

Vehicle Insurance एक कानूनी और वित्तीय समझौता होता है जो बीमा कंपनी द्वारा आपके वाहन की सुरक्षा हेतु प्रदान किया जाता है। हालांकि व्हीकल इंश्योरेंस न केवल आपके वाहन की बल्कि आपके वाहन से जुड़े अन्य जोखिमों की भरपाई का भी वादा करती है। इसके बदले में वाहन मालिक को एक निश्चित समय में प्रीमियम राशि का भुगतान करना होता है। यह इंश्योरेंस दुर्घटना, चोरी, आग, प्राकृतिक आपदा, थर्ड पार्टी दावों से आपको सुरक्षा प्रदान करता है। भारत में मोटर व्हीकल इंश्योरेंस के बिना वाहन चलाना अपराध है। भारत मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत न्यूनतम स्तर पर Third Party Insurance होना अनिवार्य है

व्हीकल इंश्योरेंस के प्रकार (Types of Insurance )

भारत में मुख्य तीन प्रकार के व्हीकल इंश्योरेंस होते हैं

1. Third Party Vehicle Insurance:  थर्ड पार्टी व्हीकल इंश्योरेंस , तीसरे पक्ष को होने वाले नुकसान को कवर करता है। यह कानूनी रूप से अनिवार्य इंश्योरेंस बीमा है। जी हां आमतौर पर गाड़ी चलाते समय जब आपके वाहन से किसी अन्य वाहन या वाहन चालक को कोई नुकसान हुआ तो इसके नुकसान की भरपाई थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कवर से की जाती है। ऐसे में Indian Motor vehicle act के अंतर्गत थर्ड पार्टी व्हीकल इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया गया है। यह ना होने पर वाहन चालक को दंड का भुगतान करना पड़ता है।

2. Comprehensive Vehicle Insurance: कंप्रिहेंसिव व्हीकल इंश्योरेंस एक वाइड रेंज का इंश्योरेंस पॉलिसी होता है जिसमें वाहन चालक के वाहन और थर्ड पार्टी दोनों को नुकसान का कवर प्रदान किया जाता है। इस इंश्योरेंस के अंतर्गत यदि वाहन चालक के वाहन की वजह से किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान पहुंचा या वाहन चालक के खुद के वाहन या उसे कोई नुकसान पहुंचा तो इसकी पूरी भरपाई कंप्रिहेंसिव व्हीकल इंश्योरेंस के अंतर्गत की जाती है। जब कभी आप इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने हैं तो इस प्रकार के विभिन्न पॉलिसी विकल्प आपको बताए जाते हैं। कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस में आपको थोड़ा ज्यादा प्रीमियम भरना पड़ता है और इसके लाभ भी अत्यधिक होते हैं खास करके इसके ऐड ऑन।

3. Commercial Vehicle Insurance: कमर्शियल व्हीकल इंश्योरेंस कमर्शियल गाड़ियों के लिए तैयार किया जाता है जो व्यापारिक उद्देश्य से उपयोग में लाई जाती हैं, जैसे कि ट्रक, टैक्सी, बस इत्यादि। इसमें जितना ज्यादा जोखिम होता है उसी का तरह इसका कवरेज भी बहुत ज्यादा होता है। इसलिए इसका प्रीमियम भी अधिक होता है। ट्रक, टैक्सी ,बस इत्यादि दुर्घटना में न केवल खुद को हानि पहुंचाते हैं बल्कि इनमें सफर करने वाले अन्य लोगों को भी नुकसान होता है और ऐसे में कमर्शियल इंश्योरेंस पॉलिसी इस दौरान सभी को कवर उपलब्ध कराती है।

Two Wheeler Insurance और Car Insurance में अंतर 

भारत में चाहे दोपहिया वाहन हो या चार पहिया वाहन, दोनों के लिए मोटर व्हीकल इंश्योरेंस कानून अनिवार्य है। लेकिन टू व्हीलर इंश्योरेंस और कार इंश्योरेंस के कवरेज प्रीमियम जोखिम और उपयोग में कई अंतर होते हैं 

  • Two Wheeler Insurance: टू व्हीलर इंश्योरेंस जैसे की बाइक ,स्कूटर इत्यादि जिनका सड़क पर ज्यादा आवागमन होता है। इससे दुर्घटना की ज्यादा संभावना होती है। चालक की शारीरिक सुरक्षा हमेशा जोखिम में रहती है। टू व्हीलर एक्सीडेंट के दौरान छोटे एक्सीडेंट भी गंभीर चोट का कारण बनते हैं। इसीलिए Two Wheeler Insurance Online Policy में पर्सनल एक्सीडेंट कर ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।Two Wheeler Insurance Premium कार की तुलना में कम होता है। इसका इंश्योरेंस प्रीमियम इंजन क्षमता पर निर्भर करता है और छोटे रिपेयर कॉस्ट की वजह से यह प्रीमियम सस्ता होता है।
  • Car Insurance: यह कार के लिए किया गया इंश्योरेंस होता है। कार की संरचना आमतौर पर मजबूत होती है। कार में एयरबैग,सीट बेल्ट जैसी सुरक्षाएं मौजूद होती है। यात्रियों की संख्या ज्यादा होती है इसीलिए कार इंश्योरेंस में ओन डैमेज, थर्ड पार्टी लायबिलिटी दोनों का दायरा काफी बड़ा होता है। कार की कीमत ज्यादा होती है और कार के मॉडल के आधार पर ही इंश्योरेंस प्रीमियम का निर्धारण किया जाता है। कार के स्पेयर पार्ट्स भी महंगे मिलते हैं इसीलिए Car Insurance Premium टू व्हीलर से महंगा पड़ता है।

Online Vehicle Insurance लेने के फायदे 

  • जैसे-जैसे समय गुजरता जा रहा है वैसे-वैसे लगभग सारी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध होती जा रही है। 
  • ऐसे में इंश्योरेंस की सुविधा भी अब आसानी से ऑनलाइन उपलब्ध है। अब ग्राहक चाहे टू व्हीलर चलाये या चाहे कार चलाये ,दोनों के लिए ही ऑनलाइन व्हीकल इंश्योरेंस ले सकता है। 
  • जिससे समय और पैसे की बचत होती है।
  • पॉलिसी की तुलना आसानी से हो जाती है।
  • व्हीकल इंश्योरेंस डाउनलोड तुरंत हो जाता है।
  • शर्तें काफी पारदर्शी होती है और ऑनलाइन पता चल जाती है।
  • इसके अलावा Online Vehicle Insurance लेने के बाद  Vehicle Insurance Renewal Online भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म माध्यम से ही किया जा सकता है।
  • यहां वजह से बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।
  • यहां तक की आजकल एक्सीडेंट के बाद क्लेम के लिए भी कई कंपनियां ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराती है।
  • जहां ग्राहकों को दफ्तरों में जाने की जरूरत नहीं कंपनी खुद अपने अधिकारी एक्सीडेंट वाली जगह या रिपेयर वाली जगह पर भेज देती है जिसके बाद इंश्योरेंस असेसमेंट किया जाता है।

Online Vehicle Insurance कैसे ले?

Vehicle Insurance Online लेना अब काफी आसान हो गया है। अब ग्राहक व्हीकल इंश्योरेंस लेने के लिए कंपनी के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आवेदन कर सकता है। कई कंपनियां तो एप के माध्यम से ही यह इंश्योरेंस सुविधा उपलब्ध करा रही है।

  • ऑनलाइन व्हीकल इंश्योरेंस लेने के लिए सबसे पहले तय करें कि कौन सा व्हीकल इंश्योरेंस चाहिए :टू व्हीलर इंश्योरेंस, कार इंश्योरेंस ,कमर्शियल व्हीकल इंश्योरेंस?
  • इसके बाद इंश्योरेंस का प्रकार चुने जैसे की थर्ड पार्टी इंश्योरेंस जो की कानूनी रूप से अनिवार्य है, कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस।
  • इंश्योरेंस का प्रकार तय करने के बाद अब इंश्योरेंस कंपनी का चयन करें।
  • इंश्योरेंस कंपनी की वेबसाइट जैसे की ICICI Lombard Vehicle Insurance की वेबसाइट पर जाएं।
  • इसके अलावा आप Insurance aggregator वेबसाइट पर भी मल्टीप्ल कंपनी के इंश्योरेंस पॉलिसी देख सकते हैं।
  • इसके बाद जिस इंश्योरेंस पॉलिसी को लेना है उस पर क्लिक करें।
  • इनके बाद आपको एक फॉर्म प्रदान किया जाएगा इस फॉर्म को आपको ऑनलाइन भरना होगा जिसमें आपको व्हीकल नंबर ,व्हीकल रजिस्ट्रेशन, डेट, फ्यूल टाइप, इंजन कैपेसिटी, प्रीवियस इंश्योरेंस डिटेल इत्यादि देनी होगी।
  • इसके बाद आपको इंश्योरेंस डिक्लेयर्ड वैल्यू चुनना होगा ।
  • अब ऐड ऑन कवर्स का चुनाव करना होगा जैसे की जीरो डिप्रेशिएशन, इंजन प्रोटेक्शन, रोडसाइड अस्सिटेंस इत्यादि।
  • अब प्रीमियम की तुलना करें अलग-अलग कंपनियों अलग-अलग प्रीमियम पर इंश्योरेंस पॉलिसी उपलब्ध कराती है।
  • इस प्रीमियर के आधार पर मिलने वाले कवरेज को देखें और क्लेम सेटेलमेंट रेशों के बारे में जरूर जानकारी प्राप्त करें।
  • यदि सब कुछ आपके हिसाब से रहा और आप किसी एक कंपनी के प्रीमियम क्लेम सेटेलमेंट रेशों और कवरेज से संतुष्ट है तो अब इसके प्रीमियम का भुगतान करें ।
  • प्रीमियम का भुगतान आप यूपीआई ,डेबिट कार्ड ,क्रेडिट कार्ड ,नेट बैंकिंग से कर सकते हैं।
  • प्रीमियम भुगतान होते ही व्हीकल इंश्योरेंस पॉलिसी तुरंत एक्टिव हो जाती है और Online Vehicle Insurance PDF file आपके ईमेल में आ जाता है।
  • आप चाहे तो Online Vehicle Insurance Policy Download  कर अपने पास से रख सकते हैं डिजिटल कॉपी में पूरी तरह से लीगल मानी जाती।

Parivahan Portal तहत Insurance Policy Status Check कैसे करें?

  • यदि आप अपना इंश्योरेंस स्टेटस चेक करना चाहते हैं तो आप परिवहन पोर्टल से इंश्योरेंस स्टेटस चेक कर सकते हैं।

Vehicle Insurance

  • सबसे पहले परिवहन पोर्टल खोलें इसके बाद know your vehicle details पर क्लिक करें ।
  • यहां क्लिक करने के बाद आपके सामने व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर का विकल्प आएगा।
  • यहां अपने गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और OTP सत्यापित करें।
  • इसके बाद आपके सामने Vehicle Insurance Online status Check  दिखाई देगा यहां आसानी से आप अपने इंश्योरेंस स्टेटस का विवरण प्राप्त कर सकते हैं।

इंश्योरेंस कंपनी की वेबसाइट से इंश्योरेंस स्टेटस कैसे देखें ?

  • यदि आप इंश्योरेंस कंपनी की वेबसाइट से इंश्योरेंस स्टेटस देखना चाहते हैं तो सबसे पहले इंश्योरेंस कंपनी की वेबसाइट खोलें।
  • अब पॉलिसी स्टेटस या व्हीकल इंश्योरेंस चेक के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • यहां पॉलिसी नंबर या गाड़ी का नंबर डालें, OTP सत्यापित करें ।
  • ओटीपी सत्यापित होते ही आपके सामने आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस आ जाता है।

Online Vehicle Insurance लेते समय ध्यान देने योग्य बातें

 Online Vehicle Insurance लेते समय हमेशा कुछ विशेष बातों का ध्यान देना जरूरी है:

कई लोग सस्ता प्रीमियम देखकर व्हीकल इंश्योरेंस ऑनलाइन खरीद लेते हैं जो आगे चलकर बहुत बड़ी परेशानी का कारण बनता है। ऐसे में व्हीकल इंश्योरेंस लेने से पहले इंश्योरेंस डिक्लेयर्ड वैल्यू तय करें।  मतलब वाहन की बाजार में वर्तमान कीमत के आधार पर क्लेम अमाउंट तय किया जाता है। मतलब वर्तमान में आपके वाहन की कीमत जितनी कम होगी प्रीमियम उतना ही कम हो जाएगा । और सुरक्षा भी उतनी ही कम हो जाएगी। इसीलिए IDV भी बहुत कम रखना प्रीमियम का पैसा तो बचाती है परंतु इससे आपको कुछ फायदा नहीं होता।

Online Vehicle Insurance में ADD On Covers कैसे पता करें?

Online Vehicle Insurance में आपको कई प्रकार के add on covers भी दिए जाते हैं जैसे की

  • जीरो डिप्रेशिएशन कवर: जीरो डिप्रेशिएशन कवर में क्लेम के समय पार्ट्स की डेप्रिसिएशन नहीं काटी जाती। यह नई गाड़ियों के लिए बेहद जरूरी होता है।
  • इंजन प्रोटक्शन कवर: इंजन प्रोटक्शन कवर में इंजन खराब होने ,लॉक होने पर भी आपको बीमा की सुविधा मिलती है।
  • रोड साइड अस्सिटेंस: कई बार बीच रास्ते में गाड़ी खराब हो जाती है ,बैटरी डाउन हो जाती है, टायर पंचर हो जाता है ऐसे में बीमा कंपनी आपको ऐड ऑन सुविधा उपलब्ध कराती है और रोडसाइड अस्सिटेंस में आपका भरपूर मदद करती है।

Online Vehicle Insurance Claim Process

  • कई लोग इंश्योरेंस ले तो लेते हैं लेकिन उन्हें क्लेम करना नहीं आता। इंश्योरेंस क्लेम करने की प्रक्रिया बहुत आसान है।
  • सबसे पहले  बीमा कंपनी को दुर्घटना सूचना दे फिर FIR दर्ज करें क्योंकि क्लेम के लिए FIR की कॉपी जरूरी है।
  • FIR की कॉपी दर्ज करने के बाद बीमा कंपनी अपने अधिकारियों या इंस्पेक्शन अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजती है ।
  • घटनास्थल का दौरा किया जाता है गाड़ियों को होने वाली हानि के बारे में सारी जानकारी निकाली जाती है ।
  • कितने रुपए का नुकसान हुआ है और किसकी भरपाई होगी इसका आंकड़ा निकाला जाता है।
  • आपके द्वारा दिए गए दस्तावेजों के आधार पर पॉलिसी वरिफाकेशन किया जाता है।
  • और तत्पश्चात क्लेम अप्रूवल होता है।
  • कई बार इंश्योरेंस कंपनी क्लेम डायरेक्टली चुका देती है तो कई बार आपके खाते में बाद में ट्रांसफर करती है।
  • हालांकि शराब पीकर वाहन चलाना, बिना वैध लाइसेंस के वाहन चलाना, इंश्योरेंस लैप्स होने के बाद में भी वाहन चलाना और अपने बारे में गलत जानकारी देकर इंश्योरेंस खरीदना इन सारे केसेस में क्लेम रिजेक्ट हो जाता है।

Conclusion of Vehicle Insurance 

कुल मिलाकर Online Vehicle Insurance आज के डिजिटल युग में बेहद जरूरी है। अब जब सरकार और इंश्योरेंस कंपनियों ने इसे डिजिटल बना दिया है तो ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी बनती है कि इसका पूरा लाभ लिया जाए और ऑनलाइन व्हीकल इंश्योरेंस करवा कर अपनी और अपनों की जान और सामान की सुरक्षा की जाए। इसके अलावा थर्ड पार्टी इंश्योरेंस भी सुनिश्चित किया जाए जो कि आपकी वजह से किसी अन्य को होने वाले बड़े नुकसान से बचा सकती है।

FAQ’s of Vehicle Insurance 

Online Vehicle Insurance डीटेल्स में क्या-क्या विवरण होता है?

व्हीकल इंश्योरेंस डिटेल में इंश्योरेंस कंपनी का नाम ,पॉलिसी नंबर, इंश्योरेंस वैलिडिटी डेट ,पॉलिसी टाइप व्हीकल डीटेल्स इत्यादि दर्ज होती है।

इंश्योरेंस स्टेटस चेक क्यों जरूरी है?

एक्सपायरी से पहले व्हीकल इंश्योरेंस रिनुअल के लिए इंश्योरेंस स्टेटस चेक करना जरूरी है। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस चालान से बचना , एक्सीडेंट के समय क्लेम प्रॉब्लम से बचाव करना, फेक इंश्योरेंस से सुरक्षा यह सभी आपके इंश्योरेंस स्टेटस चेक के माध्यम से पता चलता है।

ऑनलाइन इंश्योरेंस रिनुअल कैसे करें?

ऑनलाइन इंश्योरेंस रिनुअल करने के लिए इंश्योरेंस की वेबसाइट पर जाएं, एक्जिस्टिंग पॉलिसी नंबर डालें, अपडेटेड प्रीमियम देखे, यूपीआई के माध्यम से पेमेंट करें और नई पॉलिसी एक्टिव कर दें।

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