भारत में हर दिन लाखों वाहन सड़कों पर चलते हैं और इन वाहनों की आवा जाहि सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत स्पष्ट और सख्त कानून की व्यवस्था जरूरी है। और, इसी जरूरत को पूरा करने के लिए Motor Vehicle Act बनाया गया है। जी हां, जब इन नियमों को बनाया जाता है तो उनका पालन करने के लिए विशेष प्रावधान भी लागू किए जाते हैं। ऐसा ही नियम गाड़ियों को चलाने के लिए भी लागू किया गया है जिसे Motor Vehicle Act के अंतर्गत शामिल किया गया है। यह एक ऐसा व्यापक कानून है जो सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति के सुरक्षा अधिकार, जिम्मेदारियों को निर्धारित करता है।
जी हां, Motor Vehicle Act कोई एक अकेला नियम नहीं है। बल्कि मोटर व्हीकल एक्ट में कई सारी शाखाएं होती है जिसे जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। इसमे कई महत्त्वपूर्ण धाराएं जैसे की section 184,section 177, section 166, section 185, section 129 इत्यादि धाराएं बनाई गई हैं। ताकि कोई भी व्यक्ति जो यात्री है पैदल चल रहा है, वाहन का मालिक है, गाड़ी चलाने वाला है सभी की सुरक्षा हो सके और सभी लोग अपनी जिम्मेदारियां तथा अधिकार समझ सके।
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Motor Vehicle Act पृष्ठभूमि और अपडेट
भारत में सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा विश्व में सबसे ज्यादा गिना जाता है। और इन्हें कम करने के उद्देश्य से ही सरकार समय-समय पर Motor Vehicle Act को अपडेट करती है। जी हां, सबसे पहले Motor Vehicle Act 1988 में लागू किया गया था। परंतु उसे समय जनसंख्या काफी कम थी, रास्तों पर गाड़ियां भी गिनती की ही दिखाई देती थी। उस समय न तकनीकी उन्नत थी, ना ट्रैफिक ज्यादा थी इसीलिए उस समय के कानून काफी लचीले और हल्के थे।
परंतु समय के साथ-साथ वाहनों की संख्या बढ़ने लगी, जनसंख्या बढ़ने लगी, रास्तों पर होने वाले एक्सीडेंट की संख्या में भी वृद्धि देखी गई। इसी वजह से वाहन नियम बनाने की आवश्यकता महसूस हुई। और इसी के चलते Motor Vehicle Act 2019 लागू किया गया। इस एक्ट में कई नियम बनाए गए जिसमें कड़े जुर्माने, सख्त प्रावधान भी जोड़े गए। और New Motor Vehicle Act 2019 के अंतर्गत कई पेनल्टी भी लगाई जाती है और जुर्मानो को भी बड़ा किया गया है।
वर्तमान में Motor Vehicle Act से जुड़ी सारी जानकारी आपको इंटरनेट पर मिल जाएगी। विकिपीडिया से लेकर परिवहन विभाग से जुड़ी हर वेबसाइट पर आपको मोटर व्हीकल एक्ट के बारे में पता चल जाएगा। मोटर व्हीकल एक्ट जिसे हिंदी में हम भारतीय वाहन कानून संहिता/ नियम भी कहते हैं। यहां आप Motor Vehicle Act 1988 का संपूर्ण विवरण प्राप्त कर पाएंगे। इसके बाद नए कानून जिनको Motor Vehicle Act 2019 में शामिल किया गया है उन्हें भी प्राप्त कर पाएंगे।
इन्हें विस्तारित रूप से पढ़ने के लिए आपको Motor Vehicle Act 1988 pdf डाउनलोड करना होगा आप चाहे तो इसकी हिंदी प्रतिलिपि और इंग्लिश प्रतिलिपि दोनों ही डाउनलोड कर सकते हैं। 2019 में नई मोटर व्हीकल नियम पढ़ने के लिए आपको Motor Vehicle Act 2019 pdf डाउनलोड करना होगा वहीं 2023 में भी एक बार पुनः मोटर व्हीकल एक्ट को रिवाइज किया गया था जिसकी जानकारी आपको New Motor Vehicle Act 2023 के pdf में मिलेगी
चलिए सबसे पहले विस्तार से जानते हैं कि Motor Vehicle Act होता क्या है?
जैसे भारत में हर कानून का संचालन संविधान के अंतर्गत होता है। कोर्ट का संचालन इंडियन पेनल कोड के अंतर्गत होता है। वहीं वाहनों से जुड़े सारे नियम Motor Vehicle Act के अंतर्गत शामिल किए जाते हैं। जी हां, यह सरकार द्वारा तैयार किया गया एक केंद्रीय अधिनियम है जिसमें वाहन से जुड़े सारे अधिकार और जिम्मेदारियां, वाहन चलाने से जुड़े अधिकार और जिम्मेदारियां यहां तक की पैदल यात्रियों के अधिकार और जिम्मेदारियां का वर्णन है। इस अधिनियम के अंतर्गत वाहन के पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियम और नियम तोड़ने पर दंड इनसे जुड़ी सारी जानकारी शामिल है।
यह अधिनियम पूरे देश में एक रूप से लागू होता है ताकि इसे सेंट्रलाइज्ड रूप से संचालित किया जा सके। हालांकि हर State Motor Vehicle Act के अंतर्गत अलग से नियम बना सकता है। और समय-समय पर इसमें संशोधन भी कर सकता है। क्योंकि हर राज्य की जनसंख्या, क्षेत्रफल , एजुकेशन लेवल अलग-अलग होता है ऐसे में नियमों की शक्ति और नियमों का प्रकार राज्य सरकार पर निर्भर करता है।
Motor Vehicle Act 1988
मोटर व्हीकल एक्ट 1988 मोटर व्हीकल एक्ट का सबसे शुरुआती ढांचा है। यह तब बनाया गया था जब भारत में ना जनसंख्या ज्यादा थी और ना ही वाहनों की संख्या ज्यादा थी। तब गाड़ी खरीदना भी अपने आप में लग्जरी माना जाता था। इसीलिए इस समय के मोटर व्हीकल नियम काफी आसान और सहज थे। इनका मुख्य उद्देश्य वाहन पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाना, ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य करना, सड़क सुरक्षा के नियम तय करना, दुर्घटना पीड़ितों के लिए मुआवजा प्रणाली तय करना और प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित करना 1988 के आधार पर यह नियम बेहद मजबूत थे।
परंतु समय के साथ देश में वाहनों की संख्या बढ़ती गई। जनसंख्या में भी वृद्धि होती गई। सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव आया। वाहन चलाने की तकनीक में बदलाव आया। गियर वाले वाहन, ऑटोमेटिक वाहन, पेट्रोल वाले वाहन, डीजल वाले वाहन, इलेक्ट्रॉनिक वाले वाहन आने लगे जिसकी वजह से नियमों में बदलाव की जरूरत महसूस होने लगी और तब अस्तित्व में आया Motor Vehicle Act 2019
Motor Vehicle Act 2019
मोटर व्हीकल एक्ट 2019 मोटर व्हीकल 1988 के ढांचे का ही संशोधित वर्ज़न है। जी हां इस एक्ट में 1988 के ढांचे को नहीं बदल गया। क्योंकि वह बेसिक नियम थे लेकिन हर नियम में कुछ परिवर्तन जरूर किया गया। जैसे कि नए जमाने लगाना उदाहरण के लिए New Motor Vehicle Act 2019 में बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर जुर्माना, नाबालिक द्वारा गाड़ी चलाने पर जुर्माना, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना, बिना हेलमेट या बिना सीट बेल्ट के ड्राइविंग करने पर जुर्माना, गाड़ी ओवरलोडिंग होने पर जुर्माना, रेड लाइट लांघने पर जुर्माना और गलत तरीके से वाहन चलने चलाने पर जुर्माना ठोका गया जिससे सड़क सुरक्षा को और बेहतर किया गया।
New Motor Vehicle Act 2023
New Motor Vehicle Act 2023 के अंतर्गत 2019 के नियम को और बेहतर बनाने की कोशिश की गई। 2023 के मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत पुरानी वाहनों की स्क्रैप नीति लागू की गई। साथ ही central New Motor Vehicle Act 2023 लागू किया गया जिसमें डीलर के द्वारा वाहन के टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन के नियम में बदला हुआ। गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट और लाइफ साइकिल के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए। डिजिटल दस्तावेजों को मान्यता प्रदान की गई। सड़क सुरक्षा प्रोत्साहन और ए सिस्टम लागू करने पर विचार किया गया।
New Motor Vehicle Act के महत्वपूर्ण क्षेत्र और उनकी विस्तृत
Section 177 of Motor Vehicle Act
Section 177 of Motor Vehicle Act वह नियम होता है जहां सामान्य नियमों के उल्लंघन पर दंड लगाया जाता है। मतलब कई बार आप ऐसी छोटी-मोटी गलतियां करते हैं, जो आपके लिए काफी भारी पड़ती है जैसे के
- गाड़ी से जुड़े दस्तावेज साथ में ना रखना
- छोटे-मोटे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना
- आपकी वजह से किसी अन्य को गाड़ी चलाने में उलझन का सामना करना
- इन नियमों के उल्लंघन पर पहली बार ₹500 का जुर्माना लगता है।
- दूसरी बार ₹1500 का जुर्माना लिया जाता है।
Section 184 of Motor Vehicle Act
Section 184 Motor Vehicle Act सबसे सख्त धाराओं में से एक है। इसमें सबसे कड़े नियम शामिल किए जाते हैं। यदि व्यक्ति ना माना तो इसमें जेल की हवा भी खानी पड़ती है।
- जैसे कि तेज गति से वाहन चलाना
- रास्ते पर ज़िक जैक गाड़ी चलाना
- जानबूझकर वाहन को इस तरह से चलाना की आपको भी दिक्कत हो और दूसरे व्यक्ति को भी परेशानी का सामना करना पड़े
- इस नियम के उल्लंघन में 6 महीने की सजा, 10000 तक जुर्माना
- यदि व्यक्ति ने फिर से इस नियम का उल्लंघन किया तो इस बार 2 साल की सजा मिलती है।
Section 185 Motor Vehicle Act
Section 185 मोटर व्हीकल एक्ट शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर लागू किया जाता है। ऐसे लोग जो गाड़ी चला रहे हैं परंतु नशे में हैं या अपने नशे की वजह से उन्होंने किसी अन्य को गाड़ी चलाते वक्त तकलीफ पहुंचाई तो section 185 के अंतर्गत उन्हें सजा मिलती है।
- इसमें यदि चालक ने 30 ml से 100ml से तक या उससे अधिक अल्कोहल का सेवन किया है और यदि नशे की हालत में गाड़ी चला रहा है तो यह धारा लागू होती है।
- जिसमें पहली बार 10000 का जुर्माना और 6 महीने की जेल होती है।
- फिर से क्राइम यदि दोहराया गया तो 15000 का जुर्माना और 2 साल की जेल होती है।
Section 129 of Motor Vehicle Act
भारत में कई सारी दुर्घटनाएं इसी की वजह से विकराल रूप धारण करती है क्योंकि गाड़ी चलाने वाले को हेलमेट नहीं पहना था। हेलमेट आपके सर की रक्षा करता है, ब्रेन इंजरी से बचाता है। इसीलिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। इसी बात को लागू करने के लिए section 129 मोटर व्हीकल एक्ट लागू किया गया है।
- जिसमें हेलमेट पहनना अनिवार्य है
- और आपका हेलमेट BSI मानक का होना चाहिए।
- यदि इस नियम का उल्लंघन किया गया तो ₹1000 जुर्माना और लाइसेंस रद्द कर दिया जाता है।
Section 166 of Motor Vehicle Act
इस नियम के अंतर्गत मोटर दुर्घटना के होने पर पीड़ितों को मुआवजा दिया जाता है
- जिसमें दुर्घटना में घायल व्यक्ति, वाहन का मालिक और मृतक के परिजन शामिल होते हैं।
- इसमें मुआवजे का आधार स्थाई विकलांगता, चोट/ मृत्यु और आय के नुकसान पर निर्भर करता है।
- आमतौर पर कई सारी ऐसी दुर्घटनाएं होती है जिसमें वाहन चालक की गलती की वजह से किसी अन्य की जान पर बन जाती है यह मृत्यु हो जाती है तो ऐसे में भुगतान करना पड़ता है।
Section 181 of Motor Vehicle Act
- बिना लाइसेंस के ड्राइविंग यह भारत का सबसे बड़ा अपराध है जिसकी वजह से रोजाना जाने कितने लोगों को जुर्माना भरना पड़ता है।
- क्योंकि लोग वैध लाइसेंस के बिना गाड़ी चला रहे होते हैं।
- कई बार नाबालिक बच्चे भी गाड़ियां चलाते हुए पकड़े जाते हैं।
- ऐसे में लाइसेंस न होने की वजह से जुर्माना 5000 का लगता है और गाड़ी भी ज़ब्त हो जाती है।
Section 194d of Motor Vehicle Act
सीट बेल्ट से जुड़ा नियम यह नियम कार चालकों और यात्रियों पर लागू होता है।
- यदि कोई व्यक्ति कार चला रहा है और साथ में दूसरा व्यक्ति बैठा है और दोनों ने सीट बेल्ट नहीं पहनी है तो यह नियम लागू माना जाता है।
- जिसमें ₹1000 का दंड दिया जाता है। आने वाले समय में इस कानून को और कड़क बनाने के लिए नए संशोधन किए जाएंगे।
Section 112 of Motor Vehicle Act
स्पीड लिमिट का यह नियम वाहन की अधिकतम सीमा तय करता है। जी हां यदि आप रास्तों पर ओवर स्पीड से गाड़ी चलाते हैं या ऐसे ज़ोन जहां पर आपकी स्पीड लिमिट है उसका उल्लंघन करते हैं तो आपको इस नियम के अंतर्गत दोषी माना जाता है। यह नियम तय करता है
- ओवर स्पीडिंग पर चालान
- स्कूल ज़ोन जैसी जगह पर स्पीड लिमिट
- ट्रक और भारी वाहनों के लिए स्पीड लिमिट
- इस नियम का उल्लंघन करने पर आपको जुर्माना भरना पड़ता है
- और कई बार लाइसेंस रद्द भी हो जाता है
Section 134 of Motor Vehicle Act
मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत section 134 बेहद ही महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पूरी तरह से दुर्घटना के दौरान किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्य पर निर्भर करता है। जी हां, इस क्षेत्र के अंतर्गत यदि किसी व्यक्ति से एक्सीडेंट हो जाता है तो उसे घायल को अस्पताल पहुंचाना होगा
- जितना जरूरत हो सके उतनी मदद करनी होगी
- और पुलिस को सूचना देनी होगी
- यह कानून हिट और रन मामलों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।
- और इसे पालन न करने पर यदि व्यक्ति दोषी पाया गया तो गंभीर से गंभीर कार्यवाही की जाती है।
Section 147 of Motor Vehicle Act
इंश्योरेंस अनिवार्यता का यह नियम भी भारत में बेहद आवश्यक कर दिया गया है। यह थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को सुनिश्चित करता है।
- इस नियम के अंतर्गत बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के कोई भी वाहन चालक सड़क पर गाड़ी नहीं चला सकता।
- कई बार वाहन चालक की गलती से चालक को तो तकलीफ होती ही है किसी अन्य के वाहन की भी नुकसान और जान माल का नुकसान होता है।
- ऐसे में बीमा कंपनी इसकी भरपाई करती है इसीलिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया गया है।
Section 177 of Motor Vehicle Act
Road safety offenses यह नियम 2019 में मोटर व्हीकल एक्ट में जोड़ा गया था
- जिसमें सड़क पर कचरा फैलाना
- अवैध पार्किंग करना
- फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को रास्ता ना देना इत्यादि पर जुर्माने की व्यवस्था की गई थी।
- ऐसा करने पर व्यक्ति को ₹500 से लेकर ₹1000 का जुर्माना देना पड़ सकता है।
Section 182 of Motor Vehicle Act
- Driving by minor, section 182 के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति नाबालिक है और वाहन चला रहा है तो ऐसे में वाहन मालिक की गलती मानी जाएगी।
- मतलब अभिभावक या जिसकी गाड़ी होगी वह मुजरिम होगा। जिसमें 25000 का जुर्माना
- वाहन मालिक को जेल और नाबालिक को 25 साल तक लाइसेंस न दिए जाने का प्रावधान है।
Section 192 of Motor Vehicle Act
बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन चलाना section 192 में शामिल होता है।
- यदि कोई व्यक्ति बिना रजिस्ट्रेशन के रास्ते पर वाहन चल रहा है तो यह भी मोटर व्हीकल एक्ट को तोड़ने के बराबर माना जाता है।
- जिसके अंतर्गत जुर्माने का प्रावधान किया गया है। पहली बार ऐसा कार्य करने पर 5000
- और यदि कोई व्यक्ति फिर से ऐसा कार्य करता है तो उसे 10000 का जुर्माना देना पड़ता है।
- और यदि फिर से बिना रजिस्ट्रेशन का वाहन चलाते हुए व्यक्ति पाया गया तो वाहन ज़ब्त कर लिया जाता है।
Section 194e of Motor Vehicle Act
मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाना वर्तमान में यह नियम भारत में बेहद जरूरी हो गया है। इसे 2023 में अनिवार्य नियम की सूची में शामिल कर दिया गया था।
- इस नियम के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति फोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाता है
- या गाड़ी चलाते हुए व्हाट्सएप या सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहा है
- तो उस पर ₹5000 का जुर्माना ठोका जाएगा और फिर भी ना माना गया तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
Conclusion
कुल मिलाकर Motor Vehicle Act भारत के परिवहन विभाग द्वारा तैयार किया गया एक महत्वपूर्ण नियम है जो संपूर्ण भारत में लागू माना जाता है। यह कानून भारत की सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत बनाता है। बता दे मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत of Motor Vehicle Act 1988 , of Motor Vehicle Act 2019 और of Motor Vehicle Act 2023 के सारे कानून एक साथ समाहित किए जाते हैं। जिनमें अलग-अलग धाराए लगाई जाती है।
मतलब यदि कोई व्यक्ति एक नियम तोड़ता है तो उस नियम को कौन से धारा के अंतर्गत तोड़ा गया और उसकी सजा क्या होगी इसका विवरण of Motor Vehicle Act के अंतर्गत पहले से ही निर्धारित कर दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य ही प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा और अनुशासन सीखाना है। आने वाले समय में मोटर व्हीकल एक्ट को समय के साथ और बेहतर किया जाएगा और समय की आवश्यकता के आधार पर इसमें नए संशोधन भी किए जाएंगे।




